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बीए सेमेस्टर-3 चित्रकला प्रथम प्रश्नपत्र

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2022
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2676
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-3 चित्रकला प्रथम प्रश्नपत्र

प्रश्न- कुषाण कालीन सूर्य प्रतिमा पर प्रकाश डालिये।

उत्तर -

कुषाणकाल से पूर्व भारतीय परम्परा में सूर्य मूर्तियों का निर्माण मानव रूप में होता हैं किन्तु कुषाणकाल में ईरानी प्रभाव तथा कुषाणों के संरक्षण में सूर्य मूर्तियाँ नये ढंग से बनायी गयी। मथुरा सूर्योपासना की ईरानी परम्परा का महत्त्वपूर्ण केन्द्र रहा है। मथुरा की कला में ईरानी परम्परा में निर्मित सूर्य-मूर्तियों में मानवरूप में सूर्य को उदीच्यवेश में लम्बा कोट, पायजामा और बूट धारण किए हुए दो अथवा चार अश्वों में जुते हुए रथ पर सवार प्रदर्शित किया गया है। ठीक यही वेश- भूषा कुषाण नरेशों की मूर्तियों में भी प्रदर्शित है। सूर्य के हाथों में तलवार और कमल का प्रदर्शन किया है। आरम्भिक कुषाणकालीन मूर्तियों में सूर्य के हाथ में दो अश्वों का और बाद में चार अश्वों का प्रदर्शन किया गया। मथुरा संग्रहालय में सुरक्षित अनेक कुषाणकालीन सूर्य मूर्तियों में सूर्य को उदीच्यवेश में प्रदर्शित किया गया है। मथुरा की प्राचीन कुषाणकालीन सूर्य मूर्तियों में एक मूर्ति विशेष दर्शनीय है जिसमें सूर्य चार अश्वों से जुते हुए एक चक्र वाले रथ पर आरूढ़ है, उनके दाहिने हाथ में कमल - कालिका और बाएँ हाथ में एक छोटी सी खड्ग है, उनके पीछे दिव्यता सूचक प्रभामण्डल है और वे लोचक तथा बूट धारण किये हुए हैं। इस मूर्ति की महत्त्वपूर्ण विशेषता सूर्य के कन्धों पर एक-एक पंख का प्रदर्शन है। संभवतः सूर्य के आकाशभ्रमण की कल्पना को मूर्त रूप देना शिल्पी का अभीष्ट प्रतीत होता है। इस बात की भी अधिक संभावना है कि पंख के प्रदर्शन पर ईरानी कला परम्परा का प्रभाव हो क्योंकि ईरान में पंखयुक्त मूर्तियों का निर्माण किया जाता था। सूर्य मूर्तियों में कोट, सलवार, बूट, तलवार आदि तत्वों के प्रदर्शन से स्पष्ट हो जाता है कि कुषाणकालीन मथुरा की कला में निर्मित सूर्य-मूर्तियाँ, विदेशी प्रभाव से प्रभावित हैं। इस नवीन परम्परा में निर्मित सूर्य-मूर्तियों का कारण भण्डारकर महोदय ने 'मग' नामक पारसीक (ईरानी) पुरोहितों के एक वर्ग का भारत में आगमन बतलाया है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- दक्षिण भारतीय कांस्य मूर्तिकला के विषय में आप क्या जानते हैं?
  2. प्रश्न- कांस्य कला (Bronze Art) के विषय में आप क्या जानते हैं? बताइये।
  3. प्रश्न- कांस्य मूर्तिकला के विषय में बताइये। इसका उपयोग मूर्तियों एवं अन्य पात्रों में किस प्रकार किया गया है?
  4. प्रश्न- कांस्य की भौगोलिक विभाजन के आधार पर क्या विशेषतायें हैं?
  5. प्रश्न- पूर्व मौर्यकालीन कला अवशेष के विषय में आप क्या जानते हैं?
  6. प्रश्न- भारतीय मूर्तिशिल्प की पूर्व पीठिका बताइये?
  7. प्रश्न- शुंग काल के विषय में बताइये।
  8. प्रश्न- शुंग-सातवाहन काल क्यों प्रसिद्ध है? इसके अन्तर्गत साँची का स्तूप के विषय में आप क्या जानते हैं?
  9. प्रश्न- शुंगकालीन मूर्तिकला का प्रमुख केन्द्र भरहुत के विषय में आप क्या जानते हैं?
  10. प्रश्न- अमरावती स्तूप के विषय में आप क्या जानते हैं? उल्लेख कीजिए।
  11. प्रश्न- इक्ष्वाकु युगीन कला के अन्तर्गत नागार्जुन कोंडा का स्तूप के विषय में बताइए।
  12. प्रश्न- कुषाण काल में कलागत शैली पर प्रकाश डालिये।
  13. प्रश्न- कुषाण मूर्तिकला का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  14. प्रश्न- कुषाण कालीन सूर्य प्रतिमा पर प्रकाश डालिये।
  15. प्रश्न- गान्धार शैली के विषय में आप क्या जानते हैं?
  16. प्रश्न- मथुरा शैली या स्थापत्य कला किसे कहते हैं?
  17. प्रश्न- गांधार कला के विभिन्न पक्षों की विवेचना कीजिए।
  18. प्रश्न- मथुरा कला शैली पर प्रकाश डालिए।
  19. प्रश्न- गांधार कला एवं मथुरा कला शैली की विभिन्नताओं पर एक विस्तृत लेख लिखिये।
  20. प्रश्न- मथुरा कला शैली की विषय वस्तु पर टिप्पणी लिखिये।
  21. प्रश्न- मथुरा कला शैली की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  22. प्रश्न- मथुरा कला शैली में निर्मित शिव मूर्तियों पर टिप्पणी लिखिए।
  23. प्रश्न- गांधार कला पर टिप्पणी लिखिए।
  24. प्रश्न- गांधार कला शैली के मुख्य लक्षण बताइये।
  25. प्रश्न- गांधार कला शैली के वर्ण विषय पर टिप्पणी लिखिए।
  26. प्रश्न- गुप्त काल का परिचय दीजिए।
  27. प्रश्न- "गुप्तकालीन कला को भारत का स्वर्ण युग कहा गया है।" इस कथन की पुष्टि कीजिए।
  28. प्रश्न- अजन्ता की खोज कब और किस प्रकार हुई? इसकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करिये।
  29. प्रश्न- भारतीय कला में मुद्राओं का क्या महत्व है?
  30. प्रश्न- भारतीय कला में चित्रित बुद्ध का रूप एवं बौद्ध मत के विषय में अपने विचार दीजिए।
  31. प्रश्न- मध्यकालीन, सी. 600 विषय पर प्रकाश डालिए।
  32. प्रश्न- यक्ष और यक्षणी प्रतिमाओं के विषय में आप क्या जानते हैं? बताइये।

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